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एक पूरा ज्ञान (२) तुझको पाने में उपयोगी है

एक पूरा ज्ञान (२) तुझको पाने में उपयोगी है; 
वो है तो हम निरोगी है, ना मिले वो ज्ञान (२)
          तो हम माया के ही भोगी है;
          वो है तो हम निरोगी है, रूक पूरा ज्ञान...टेक.
आप कैसे हो, यह माया कैसी है, मैं जीव भी कैसा हूँ,
ज्ञान पूरा हो, इन तीनां का ही जो, मैं मुक्त ही जैसा हूँ,
          ज्ञान यह दीजे, (२) मुझे यह ज्ञान ही उपयोगी है,
          वो है तो हम निरोगी है...ना मिले वो ज्ञान० १
ज्ञान से मिलो तुम, तुम से ही मेरे नाथ, सुखी मैं हो जाऊँगा;
तुम बिना ये काम, होगा न किसी से, कहो मैं कहाँ जाऊँगा;
          मूल ज्ञानी तू रूक, (२) तेरे ‘ज्ञान’ से हम योगी है;
          वो है तो हम निरोगी है, रूक पूरा ज्ञान...२

રચયિતા :
જ્ઞાનજીવનદાસજી સ્વામી-કુંડળ
ભાવ :
પ્રાર્થના
પુસ્તક :
કીર્તનમાળા-૩
ઉત્પત્તિ:

કુંડળધામ, વાંચનરૂમ

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