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आ बाहो में आजा मेरे नाथ, मुझे तेरे साथ ही जीना है

आ बाहो में आजा मेरे नाथ, मुझे तेरे साथ ही जीना है;
           मैं तो तेरे बिना हूँ अनाथ, मुझे तेरे साथ ही रहना है...टेक.
पल ना भूलुँगी, दूर ना रहूंगी, मैं तेरे तन आैर मन से;
बातें कहूंगी, तुमसे सुनूँगी, सारी उमर ऐसे बीते;
           मुझे कुछ भी न चाहिऐ नाथ...मुझे तेरे० १
तुम पे जीयुंगी, तुम पे मरुंगी, तु ही हो मेरा आधार;
सब तुम्हे दूंगी, कुछ ना मागुंगी, तु ही मेरा ऐक यार;
           ऐक पल भी ना छोडो मेरा साथ...मुझे तेरे० २
तुम मेरे आकाश, मैं तेरी पृथ्वी, ये है हरि मेरी टेक.
दिल में रखूंगी, दिल में रहूंगी, रहेंगे हम ऐक-मेक;
           ज्ञानसखी कहत जोडी हाथ...मुझे तेरे० ३

ભાવ :
પ્રેમ ભક્તિ
રચયિતા :
જ્ઞાનજીવનદાસજી સ્વામી-કુંડળ
પુસ્તક :
કીર્તનમાળા-૩
ઉત્પત્તિ:

તા.૦૫/૦૯/૨૦૧૨, કુંડળધામ, રાત્રે ૧૨ વાગ

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